बीता समय यों आए
1
सौ के ऊपर पैट्रोल,
मोटर का क्या काम।
बीता समय यों आए,
हाथ साइकिल थाम।
2
उड़े सिलेंडर गगन में,
कीमत जैसे गैस।
गोबर छाब चूल्हे पर,
घर में पालो भैंस।
3
घृतं दूध की नदी बहे,
गोधन है अनमोल।
रामू शामू खींचे हल,
डीजल खर्चा गोल।
4
रोटी होए सात्विक,
पके उपले आग ।
धरती से मानव जुड़े,
गाए जीवन राग।
5
गौरव किया अतीत पर ,
करते संस्कृति नाज ।
क्या मालूम इसी तरह,
आ जाए प्रभुराज ।
०००
ब्रजेश कानूनगो
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